
ये हैं जार्जिआ ड्वेट. वैसे तो डच हैं लेकिन रहने वाली हैं बेल्जियम की. उनकी मातृभाषा डच है. फिर भी 'बिंदास' हिन्दी बोलती और लिखती हैं. बिंदास इस लिए कि जार्जिआ को उतनी हिन्दी आती है जितनी कि आम भारतीय को अंग्रेजी आती है. उन्होंने हिन्दी और संस्कृत की पढ़ाई बेल्जियम में की. बेल्जियम, जहां बहुत कम लोग हिन्दी जानते हैं. लेकिन इंडिया उन्हें एक इंटरेस्टिंग कंट्री लगता है. बेल्जियम गवर्नमेंट भारत से व्यापारिक रिश्ते बढ़ाना चाहती है. जार्जिआ, इंडिया एक मिशन पर आई हैं. घबराइए मत, हैडली जैसा मिशन नहीं. इनके इरादे नेक हैं. वो हिन्दी को भारत में घूम कर समझना चाहती हैं. चौंकने की बारी मेरी थी जब उन्होंने कहा कि इंडिया में खास कर उत्तर भारत में लोग जिस तरह की हिन्दी बोलते हैं वैसी तो उन्होंने नहीं पढ़ी. उन्होंने तो शुद्ध हिन्दी पढ़ी है. हां, उस तरह की हिन्दी उन्होंने सरकारी कार्यालयों में जरूर प्रयोग होते देखी है. मैंने कहा वो क्लिष्ट हिन्दी है और जो आम लोग बोलते हैं वो बोलचाल की हिन्दी है. आपको कौन सी हिन्दी अच्छी लगती है? जार्जिआ तपाक से बोली आपकी बोलचाल की हिन्दी क्योंकि इसमें अंग्रेजी उर्दू और संस्कृत भी है. कागज पर जार्जिआ हिन्दी लिख लेती हैं लेकिन कम्प्यूटर पर हिन्दी की-बोर्ड का ज्ञान उन्हें नहीं है. इसके लिए वो यूनीकोड टूल्स का इस्तेमाल करती हैं. यानी लैटिन से हिन्दी. बेल्जियम में हिन्दी के कारण उन्हें नौकरी आसानी से मिल गई. वहां हिन्दी दुभाषिये गिनेचुने हैं उसमें से जार्जिया भी एक हैं. है ना इंटरेस्टिंग.
क्या बात है ! जार्जिआ जी को साधुवाद. यह जानकर अच्छा लगा कि आज जब हम हिन्दी को लेकर झगड रहे हैं, तब एक लैटिन(??) भाषी हिन्दी बोल लिख रहा है.
ReplyDeleteAap ne theek kaha Latin nahi Dutch. Maine galti sudhar lee hai
ReplyDeleteजार्जिआ प्रसंग सुना कर आपने एक आशा दी है कि हिन्दी को कोई रोक नहीं सकता.
ReplyDeleteशत प्रतिशत सहमति।
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11वाँ राष्ट्रीय विज्ञान कथा सम्मेलन।
गूगल की बेवफाई की कोई तो वजह होगी?
बढ़िया है ! आप तो बड़े इंटरेस्टिंग लोगों से मिल आते हैं.
ReplyDeletebilkul right hai sir, ek ye hai jo itni door se yha hindi seekhne aayi hai aur ek raj thaakre hai.............
ReplyDeleteनमस्कार everbody! मेरा ब्लॉग http://giorgiadewitte.blogspot.com देखने आइये, हिंदी में बात करना बहुत पसंद है मुझको...love to meet people!
ReplyDeletecheers,
Giorgia
giorgia jee ka hindi prem bahut hee sarahneey hai
ReplyDeletevarna aajkal too desi log videshi bol ka calan hai.agar hindi bolo to log aisay dekhtay hai manoo koi bahut bari galti kar dee ho.lakin mujhey apni bhasha par garve hai
हमे जॉर्जिया जैसे हिन्दी प्रेमियों पर गर्व है ।
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